कम्पोस्ट बनाने की बुनियादी बातें
रसोई के छिलके और सूखी पत्तियाँ एक गहरे रंग की, भुरभुरी चीज़ बन सकती हैं, जो आपके गमलों को पोषण देती है। फ़्लैट के लिए ढक्कन वाला एक छोटा डिब्बा काफ़ी है।
चार ज़रूरी सामग्रियाँ
US Environmental Protection Agency (EPA, अमेरिका की पर्यावरण संरक्षण एजेंसी) कम्पोस्ट को ऐसे सूक्ष्मजीवों का काम बताती है जिन्हें चार चीज़ों की ज़रूरत होती है:
- भूरी सामग्री (कार्बन): सूखी पत्तियाँ, टहनियाँ और कतरा हुआ सादा कागज़ या गत्ता। सूक्ष्मजीव कार्बन को भोजन के रूप में इस्तेमाल करते हैं।
- हरी सामग्री (नाइट्रोजन): फल और सब्ज़ियों के बचे टुकड़े और ताज़ी हरी कटाई, जैसे कटी हुई घास। नाइट्रोजन सूक्ष्मजीवों को बढ़ने और अपनी संख्या बढ़ाने में मदद करती है।
- पानी: ढेर छूने में निचोड़े हुए स्पंज जैसा लगना चाहिए।
- हवा: ढेर को पलटने और भूरी सामग्री डालने से अंदर हवा पहुँचती है।
EPA सुझाव देती है कि आयतन के हिसाब से भूरी सामग्री हरी सामग्री से कम से कम दो से तीन गुना हो, और खाने के ताज़ा बचे टुकड़ों को भूरी सामग्री की मोटी परत से ढक दिया जाए।
स्रोत: United States Environmental Protection Agency, 26 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया।
क्या डालें और क्या न डालें
डालें
- फल और सब्ज़ियों के बचे टुकड़े
- सूखी पत्तियाँ, पौधों के डंठल और टहनियाँ
- इस्तेमाल हो चुका कॉफ़ी पाउडर, बिना स्टेपल वाले कागज़ी टी-बैग में चायपत्ती
- कतरा हुआ सादा कागज़ और गत्ता
- कुचले हुए अंडे के छिलके
न डालें
- मांस, मछली, हड्डियाँ, दूध से बनी चीज़ें, चर्बी और तेल, जो जानवरों को आकर्षित करते हैं
- रोगग्रस्त या कीटों से ग्रस्त पौधे, और बीज वाले खरपतवार
- पालतू जानवरों का मल और बिल्ली का लिटर
- चमकदार कागज़, रसायन से उपचारित या पेंट की हुई लकड़ी, और फल-सब्ज़ियों पर लगे स्टिकर
EPA बताती है कि घर के ढेर आमतौर पर इतने गर्म नहीं होते कि मांस, दूध से बनी चीज़ें या “कम्पोस्ट होने लायक” पैकेजिंग गल सकें, और पका हुआ खाना सिर्फ़ थोड़ी मात्रा में डालने का सुझाव देती है।
स्रोत: United States Environmental Protection Agency, 26 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया।
छोटी जगहों के लिए केंचुआ डिब्बा
केंचुआ खाद बनाना (वर्मीकम्पोस्टिंग) घर के अंदर भी किया जा सकता है। EPA के दिशानिर्देश:
- लाल केंचुए (रेड विगलर, Eisenia fetida) इस्तेमाल करें, बाहर से खोदकर लाए केंचुए नहीं।
- ऐसा डिब्बा इस्तेमाल करें जिसका ढक्कन कसकर बंद हो, रंग गहरा हो, जल-निकासी छेद हों और रिसने वाले तरल को इकट्ठा करने के लिए एक ट्रे हो।
- केंचुओं के लिए नम कतरे हुए कागज़, गत्ते या सूखी पत्तियों का बिस्तर बनाएँ, और उसमें मुट्ठी भर मिट्टी मिलाएँ।
- उन्हें फल और सब्ज़ियों के कटे हुए बचे टुकड़े, इस्तेमाल हो चुका कॉफ़ी पाउडर और कुचले हुए अंडे के छिलके खिलाएँ; खट्टे फल, प्याज़, लहसुन, मांस, दूध से बनी चीज़ें और चिकना खाना न दें।
- डिब्बे को 59 से 77 °F (लगभग 15 से 25 °C) पर रखें। अगर बिस्तर कम से कम 4 इंच (10 cm) गहरा हो, तो केंचुए 32 से 95 °F (लगभग 0 से 35 °C) तक के तापमान में जीवित रह जाते हैं।
- तीन से छह महीने बाद तली से केंचुआ खाद (कास्टिंग) निकाल लें।
क्योंकि EPA केंचुओं के जीवित रहने की ऊपरी सीमा लगभग 35 °C बताती है, इसलिए गर्मियों में किसी गर्म जगह छोड़ा गया डिब्बा जोखिम में रहता है; गर्मी के दिनों में इसे छाँव में या घर के अंदर रखें।
स्रोत: United States Environmental Protection Agency; National Institute of Standards and Technology (NIST), 26 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया।
कम्पोस्ट कब तैयार होता है?
EPA के अनुसार कम्पोस्ट तब तैयार होता है जब मिलाने के बाद ढेर अब गर्म न होता हो और खाने के बचे टुकड़े दिखाई न दें। इसके बाद इसे कम से कम चार हफ़्ते और पकने दें। तैयार कम्पोस्ट गहरे रंग का, ढीला और भुरभुरा होता है और उसमें ताज़ी मिट्टी जैसी गंध आती है। अच्छी देखभाल वाले ढेर में लगभग तीन से पाँच महीने लगते हैं; बिना देखभाल वाले ढेर में एक साल लग सकता है। इस्तेमाल से पहले टहनियाँ, पत्थर और स्टिकर छलनी से अलग कर दें।
आम समस्याएँ कैसे ठीक करें
- कुछ नहीं हो रहा: ढेर शायद बहुत सूखा है। पानी डालें और उसे पलटें।
- बदबू आ रही है: ढेर शायद बहुत गीला है या उसमें हवा की कमी है। भूरी सामग्री डालें और उसे पलटें।
स्रोत: United States Environmental Protection Agency, 26 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया।
गमलों में कम्पोस्ट का इस्तेमाल
कम्पोस्ट से पानी रोकने की क्षमता बढ़ती है, लेकिन NC State सुझाव देता है कि इसे कंटेनर मिक्स के 15 से 40 प्रतिशत तक ही रखें, क्योंकि इसका pH अक्सर ज़्यादा होता है। नुस्खों के लिए पॉटिंग मिक्स गाइड देखें।
स्रोत: NC State Extension, 26 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया।
बागवानी की सामान्य जानकारी, पेशेवर सलाह नहीं। पौधों की विषाक्तता से जुड़ी जानकारी सिर्फ़ एक शुरुआती आधार है, पशु-चिकित्सा या चिकित्सकीय सलाह नहीं: अगर आशंका हो कि किसी पालतू जानवर या बच्चे ने कोई पौधा खा लिया है, तो तुरंत पशु-चिकित्सक या डॉक्टर से संपर्क करें।